13.2.18

भगवान शिव के बारे में आश्चर्यजनक रोचक तथ्य

आज हम आपको भगवान शिव शंकर भोलेनाथ से जुड़े कुछ रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं । 
भगवान शिव का जीवन रहस्य और रोमांच से भरा है । देवों के देव महादेव शिव शंकर का पहनावा, रहन - सहन सब आश्चर्यचकित करने वाला है ।
त्रिदेवों (ब्रम्हा, विष्णु, महेश) में महेश शिव शंकर को ही कहा गया है । शिव विष को पीने वाले, गले में नाग रखने वाले, कैलाश पर्वत में रहने, भांग का सेवन करने वाले, अपने शरीर पर भस्म लगाने वाले, श्मशान में निवास करने वाले देव है ।

Amazing Facts About Lord Shiv in Hindi

महाकाल, महादेव शिव शंकर, भोलेनाथ के बारे में रोचक जानकारी

Interesting Facts About Lord Shiv in Hindi

◆ भगवान शिव हिंदुओं के 3 प्रमुख देवों में ब्रह्मा, विष्णु, महेश में से महेश के नाम से जाने जाते है ।

◆ भगवान शिव के कोई माता-पिता नही है । उन्हें अनादि माना गया है । अर्थात, जो हमेशा से था, जिसके जन्म की कोई तिथि नही है ।

◆ शिवरात्री इसलिए मनाई जाती है क्योंकि इस दिन भगवान शिव शंकर और माता पार्वती का विवाह हुआ था ।

◆ भगवान शिव के गले में जो सांप लिपटा रहता है उसका नाम वासुकि है । यह शेषनाग के बाद नागों का दूसरा राजा था । भगवान शिव ने खुश होकर इसे गले में डालने का वरदान दिया था ।

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◆ किसी भी देवी-देवता की खण्डित (टूटी) हुई मूर्ति की पूजा नहीं की जाती है, लेकिन शिवलिंग चाहे कितना भी खण्डित हो जाए फिर भी पूजा जाता है ।

◆ भगवान शिव और माता पार्वती के 2 पुत्र हैं जिनका नाम है कार्तिकेय और श्री गणेश । कहा जाता है कि गणेश जी को तो मां पार्वती ने अपने उबटन (शरीर पर लगे लेप) से बनाया था ।

◆ शिव शंकर का निवास स्थान कैलाश पर्वत को माना गया है ।

◆ शिव शंकर बैल की सवारी करते है, उनका वाहन 'नंदी' नामक बैल को माना गया है  । नंदी को भगवान शिव के गणों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है  । यही कारण है कि प्रत्येक शिव मंदिर में भगवान शिव के साथ नंदी की मूर्ति लगी होती है ।

◆ शंकर भगवान पर कभी भी केतकी का फुल नही चढ़ाया जाता है । क्योंकि यह ब्रह्मा जी के झूठ का गवाह बना था  ।

◆ शिवलिंग पर बेलपत्र बिना पानी के नहीं चढ़ाया जा सकता है ।

◆ शंकर भगवान का शरीर नीला इसलिए पड़ा क्योंकि उन्होने जहर पी लिया था । दरअसल, समुंद्र मंथन के समय 14 चीजें निकली थी । 13 चीजें तो असुरों और देवताओं ने आधी-आधी बाँट ली लेकिन हलाहल नाम का विष लेने को कोई तैयार नही था । ये विष बहुत ही घातक था इसकी एक बूँद भी धरती पर बड़ी तबाही मचा सकती थी । तब भगवान शिव ने इस विष को पीया था । यही से उनका नाम पड़ा नीलकंठ ।

◆ भगवान शिव के 3 आंखें है । कहा जाता है कि भगवान शिव अपना तीसरा नेत्र तभी खोलते है जब उन्हें क्रोध आ जाता है । उस समय जो भी उनके सामने होता है, वह जलकर भस्म हो जाता है ।

◆ जिस तरह ब्रह्मा जी को सृष्टि का निर्माता व भगवान विष्णु को सृष्टि का सरंक्षक माना गया है उसी तरह भगवान शिव को सृष्टि का विनाश व पापियों का संहार करने वाले देवता माना जाता है ।

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◆ भगवान शिव का सबसे महत्वपूर्ण नृत्य 'तांडव' है । जिसे मौत का नृत्य कहा जाता है। भगवान शिव ब्रह्माण्ड का विनाश करने के लिए तांडव करते है ।

◆ भगवान शिव के अस्त्र है - त्रिशूल, पाशुपत अस्त्र, पिनाक नामक धनुष, भवरेंदु नामक चक्र आदि ।

◆ त्रिशूल - यह बहुत ही अचूक और घातक अस्त्र था । त्रिशूल 3 प्रकार के कष्टों दैनिक, दैविक, भौतिक के विनाश का सूचक है । इसमें 3 तरह की शक्तियां हैं -  सत, रज और तम या प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन ।

◆ भगवान शिव अपने शरीर पर भस्म लगाते है । अगर भस्म को शरीर पर लगाया जाए तो इससे सर्दी में सर्दी और गर्मी में गर्मी नही लगती है । इससे शिव ये संदेश देते हैं कि परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालना मनुष्य का सबसे बड़ा गुण है ।

◆ हनुमान जी को भगवान शिव का 11वाँ अवतार माना जाता है । इनके अलावा भैरव, अश्वत्थामा व गुरु गोरखनाथ को भी महादेव का रूप माना गया है ।

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